यूपीआई पेमेंट में धोखाधड़ी से कैसे बचें?

यूपीआई पेमेंट में धोखाधड़ी से कैसे बचें ?
- आज इस आर्टिकल में हम एक बहुत महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं। आज हम आपको बताएंगे यूपीआई पेमेंट में धोखाधड़ी से कैसे बचें? अगर आप नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं, नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करके पैसे ट्रांजैक्शन करते हैं तो आपको सावधान होने की आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान समय में यूपीआई धोखाधड़ी बहुत अधिक हो रही है। अगर आप यूपीआई पेमेंट में होने वाली धोखाधड़ी से खुद को बचाना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें। हम आपको कुछ आसान टिप्स बताएंगे। इन टिप्स को फॉलो करके आपको यूपीआई धोखाधड़ी से बच सकते हैं।

वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी दिन प्रतिदिन डेवलप होती चली जा रही है। टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा उदाहरण यूपीआई पेमेंट ट्रांसफर के रूप में देखने को मिलता है। आज से कुछ वर्षों पहले एक समय था जब लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बैंक जाना पड़ता था। लेकिन जब से यूपीआई पेमेंट ट्रांसफर या इंटरनेट बैंकिंग सिस्टम शुरू हुआ तब से लोग बैंक से जुड़ा सारा काम अपने घर पर कर सकते हैं। 


पहले के समय में लोगों को किसी को पैसे भेजने के लिए तथा पैसे निकालने के लिए बैंक जाना पड़ता था तथा बैंक में घंटों लाइन लगानी पड़ती थी। इस प्रकार लोगों का समय तथा मेहनत दोनों बर्बाद होती थी। वर्तमान समय में अगर आप किसी को पैसे भेजना चाहते हैं या फिर किसी से पैसे अपने अकाउंट में मंगाना चाहते हैं तो आप यूपीआई या नेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।


यूपीआई आईडी क्या है ? 

इससे पहले कि हम आपको यूपीआई आईडी से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दें। आपको पता होना चाहिए यूपीआई आईडी क्या है?  यूपीआई का फुल फॉर्म unified payment interface होता है। यूपीआई एक विशेष प्रकार का कोड होता है। यह कोड आप अपने बैंक अकाउंट की सहायता से जनरेट कर सकते। यूपीआई आईडी की सहायता से आप नेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।


अगर आपके पास एक यूपीआई आईडी है तो आप किसी को भी अपने मोबाइल फोन से पैसे भेज सकते हैं और पैसे अपने अकाउंट में मंगवा सकते हैं। अगर हम आपको साधारण भाषा में समझाएं तो इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करने के लिए आपके पास यूपीआईडी जरूर होनी चाहिए।


यूपीआई धोखाधड़ी क्या है ? 

एक तरफ जहां लोग इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करके लाखों रुपए का ट्रांजैक्शन करते हैं वहीं दूसरी तरफ कुछ हैकर आपकी लापरवाही का फायदा उठाकर आपका अकाउंट हैक कर लेते है। आज मार्केट में बहुत सारे हैकर हैं जो आपकी यूपीआई आईडी को हैक करके आपका पूरा अकाउंट खाली कर सकते हैं। अगर आपने एक छोटी सी लापरवाही की तो कुछ ही मिनटों में आपका अकाउंट खाली हो जाएगा और इसके बाद आपको कुछ भी नहीं कर सकते। 


अगर आप टेलीविजन में देखते हैं तो आपको पता होगा प्रतिदिन साइबर ठगी की खबरें आती रहती हैं। ऐसे में आपको सावधान होने की आवश्यकता है। अगर आप थोड़ी सी सावधानी को अपना ले तो आप कभी भी साइबर ठग के शिकार नहीं होंगे।


Upi धोखाधड़ी से कैसे बचें ?

अगर आप अपने बैंक अकाउंट को हमेशा सुरक्षित रखना चाहते हैं और यूपीआई धोखाधड़ी से बचना चाहते हैं तो नीचे दी गई टिप्स को फॉलो करें।  नीचे दी गई टिप्स को फॉलो करके आप यूपीआई धोखाधड़ी से खुद को बचा सकते हैं।


अनजान एप्लीकेशन को अपने फोन में इंस्टॉल ना करें

हम ऐसे बहुत से लोग गूगल प्ले स्टोर से प्रतिदिन ढेर सारे एप्लीकेशन डाउनलोड करते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर कुछ एप्लीकेशन तो भरोसेमंद होते हैं जबकि कुछ एप्लीकेशन साइबर ठगों के द्वारा डिवेलप किए गए होते हैं। जब भी आप किसी अनजान मोबाइल एप्लीकेशन को अपने फोन में इंस्टॉल करते हैं तो यह आपसे कुछ परमिशन मांगता है। अगर आपने इन परमिशन पर एलाऊ कर दिया तो आपके फोन का सारा डाटा लीक हो सकता है।


यदि एक बार आपके फोन का सारा डाटा लीक हो गया तो हैकर आपका अकाउंट नंबर यूपीआई आईडी का पासवर्ड सब कुछ कुछ मिनट में पता कर लेगा और आपका पूरा अकाउंट देखते-देखते खाली हो जाएगा। इसीलिए इंटरनेट से सिर्फ वही एप्लीकेशन डाउनलोड करें जो भरोसेमंद है।


Fake call से बचे

वर्तमान समय में साइबर ठगों ने बैंक अकाउंट हैक करने का एक नया तरीका निकाला है। साइबर ठगों आपको कॉल करते हैं और आपको अलग-अलग प्रकार के ऑफर देते हैं। कुछ साइबर ठग आपको फोन करके बोलते हैं आप की लॉटरी लगी है। इसके बाद साइबर ठग आपसे आपका अकाउंट नंबर तथा आधार कार्ड नंबर मांगते हैं। भोले भाले लोग साइबर ठग के जाल में फंस कर उनको अपना बैंक अकाउंट नंबर तथा आधार कार्ड नंबर बता देते हैं, जिससे हैकर आपका अकाउंट हैक कर लेता है। 


इसीलिए मैं आपको सलाह दूंगा कभी भी किसी अनजान नंबर से फोन नहीं उठाएं। यदि आप अनजान नंबर पर बात करें तो कभी भी अपना बैंक अकाउंट या अपने निजी जानकारी शेयर ना करें।


Upi password strong बनाए

अधिकतर लोगों को यह गलती करते हैं जिससे हैकर आपका अकाउंट हैक कर लेते हैं। जब भी हम अपनी यूपीआई आईडी क्रिएट करते हैं हमें एक पासवर्ड क्रिएट करने के लिए कहा जाता है। साधारण लोग पासवर्ड के रूप में अपना मोबाइल नंबर अपना सरनेम या अपना नाम डेट ऑफ बर्थ लिख देते हैं। हैकर के लिए यह पासवर्ड पता करना बहुत ही आसान होता है। कोई भी हैकर आसानी से अनुमान लगाकर आपका पासवर्ड हैक कर सकता है।


इसीलिए मैं आपको सलाह दूंगा जब भी आप यूपीआई पासवर्ड क्रिएट करें तो आप एक ऐसा पासवर्ड क्रिएट करें जिसका अंदाजा कोई भी ना लगा पाए। अगर आप पासवर्ड में अल्फाबेट तथा न्यूमेरिकल दोनों शब्दों का इस्तेमाल करेंगे तो यह पासवर्ड मजबूत रहेगा और कोई भी इसका अनुमान नहीं लगा पाएगा।


पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल ना करें

अगर आप यूपीआई आईडी से किसी को पैसे ट्रांजैक्शन करना चाहते हैं तो आपके फोन में इंटरनेट होना चाहिए। कई बार हम ऐसी सिचुएशन में फंस जाते हैं जहां हमारे पास इंटरनेट नहीं होता है। इंटरनेट ना होने की स्थिति में हम किसी भी अनजान व्यक्ति से वाईफाई कनेक्शन ले लेते हैं या पब्लिक वाईफाई से अपने फोन को कनेक्ट कर लेते हैं। यह बिल्कुल असुरक्षित है। अगर आप पब्लिक वाईफाई से मोबाइल कनेक्ट करके ट्रांजैक्शन कर रहे हैं तो आपका अकाउंट हैक होने की संभावना ज्यादा रहती है।


मैं आपको सलाह दूंगा कभी भी पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करके यूपीआई आईडी से ट्रांजैक्शन ना करें। यदि बहुत अधिक इमरजेंसी हो तो आप अपने किसी मित्र या रिश्तेदार का वाईफाई यूज कर सकते हैं। 


 निष्कर्ष

आज इस आर्टिकल में हमने आपको कुछ सुरक्षा उपाय बताएं। इन टिप्स को फॉलो करके आप अपने यूपीआई अकाउंट को हैक होने से बचा सकते हैं। आज इस आर्टिकल में आपको बताया यूपीआई आईडी क्या है? Upi धोखाधड़ी से कैसे बचें?  आशा करता हूं यह जानकारी आपको पसंद आई होगी।  अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।  आर्टिकल को आखिरी तक पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद की


1 Comments

Post a Comment

Previous Post Next Post