सूचना का अधिकार अधिनियम क्या है? और आरटीआई कैसे दाखिल करें ? - आज इस आर्टिकल में हम एक बहुत गंभीर विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको सूचना का अधिकार अधिनियम के बारे में बताएंगे। आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे सूचना का अधिकार नियम क्या है? सूचना का अधिकार नियम के द्वारा हमें क्या सुविधाएं मिलती हैं? यदि आप भी इस टॉपिक पर जानकारी पाना चाहते हैं आर्टिकल को आखिरी तक पूरा पढ़िए। इस आर्टिकल में आपको सूचना के अधिकार से संबंधित संपूर्ण जानकारी हमने विस्तार से बताया है। 

यदि आप भारत देश के नागरिक हैं तो आपको पता होगा हमें हर महीने सरकार को टैक्स देना होता है। सरकार हर महीने हमसे अलग अलग प्रकार के टैक्स लेती है। टैक्स भी दो प्रकार का होता है प्रत्यक्ष कर तथा अप्रत्यक्ष कर। देश के हर एक नागरिक को फिर चाहे वह गरीब हो या अमीर हो टैक्स चुकाना पड़ता है। सरकार के द्वारा जितनी भी योजनाएं जारी की जाती हैं उन योजनाओं में जितना पैसा खर्च होता है वह जनता के द्वारा दिए गए टैक्स से ही खर्च किया जाता है। यदि हम टैक्स नहीं देंगे तो सरकार के पास आय का कोई साधन नहीं रहेगा जिससे सरकार हमारे लिए कोई योजना नहीं जारी कर पाएगी ।

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यदि हम सरकार को टैक्स देते हैं तो हमें यह जानने का अधिकार भी है कि सरकार हमारे पैसे का इस्तेमाल कहां पर और किस प्रकार करती है। पिछले कुछ वर्षों में भ्रष्टाचार की समस्या को देखते हुए एक कानून बनाया गया जिसे सूचना का अधिकार कहा जाता है। सूचना का अधिकार कानून के अंतर्गत भारत का कोई भी नागरिक भारत की किसी भी योजना से जुड़ी रिपोर्ट सरकार से मांग सकता है।

सूचना का अधिकार किसे कहते हैं?

सूचना का अधिकार हम सभी को भारतीय संविधान के द्वारा दिया गया एक हथियार है। सूचना अधिकार का इस्तेमाल करके हम केंद्र अथवा राज्य सरकार के द्वारा जारी की गई किसी भी योजना की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सूचना के अधिकार को हम इंग्लिश में राइट टू इनफार्मेशन के नाम से जानते हैं जिसे हम आरटीआई भी कहते हैं।

आइए हम आपको इसे एक उदाहरण के द्वारा समझाते हैं।

मान लीजिए आपके शहर में सरकार के द्वारा कोई एक रोड पास की गई है। रोड निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो गया है लेकिन आपको शक है कि इस रोड को बनाने में इतना पैसा खर्च नहीं हुआ है जितना सरकार के द्वारा बताया गया है या फिर रोड बनाने में अच्छी क्वालिटी का मटेरियल इस्तेमाल नहीं हुआ है। अपने इस शक को दूर करने के लिए आप उस रोड से संबंधित आरटीआई दाखिल कर सकते हैं।

 इस आरटीआई के द्वारा आप सरकार से पूछ सकते हैं इस रोड को बनाने में कितने रुपए खर्च आया है? ठेकेदार ने कितने रुपए लिए हैं? रोड बनाने में जितना कच्चा मटेरियल इस्तेमाल हुआ है वह किस दुकान से आया है कितने रुपए का खरीदा गया है? यदि आप चाहें तो कच्चा मटेरियल का नमूना भी मंगवा सकते हैं।

इस प्रकार आप जो भी जानकारी चाहते हैं वह आपको लगभग एक महीने के अंदर सरकारी विभाग के द्वारा दे दी जाएगी। यदि कोई विभाग आपको यह जानकारी नहीं देता है तो आप उसके ऊपर केस भी कर सकते हैं।

आरटीआई अधिनियम कब लागू किया गया?

सूचना के अधिकार अधिनियम को वर्ष 2005 में लागू कर दिया गया था । वर्ष 2005 में एक आरटीआई एक्ट पारित किया गया जिसके द्वारा हमें यह अधिकार प्राप्त है कि हम सरकार से किसी भी योजना की जानकारी ले सकते हैं।

सूचना के अधिकार अधिनियम के द्वारा हमें दिए गए अधिकार

  • सूचना के अधिकार अधिनियम के द्वारा हम सभी को ढेर सारे अधिकार दिए गए हैं। इन सभी अधिकारों के बारे में नीचे बताया गया है।
  • किसी योजना में काम करने वाले जितने भी कारीगर मजदूर ठेकेदार या अन्य व्यक्ति हैं आप उनका वेतन प्रमाण प्राप्त कर सकते हैं।
  • किसी भी योजना में या किसी भी विभाग में सरकार के द्वारा खर्च किए गए धन के व्यय की रिपोर्ट तथा ऑडिट रिपोर्ट आप आरटीआई के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
  • यदि सरकार के द्वारा किसी सरकारी भवन बिल्डिंग या इमारत का निर्माण होता है तो आप उस निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज चेक कर सकते हैं।
  • सरकार के पास उपस्थिति किसी भी दस्तावेज की एक फोटो कॉपी आप प्राप्त कर सकते हैं। 
  • यदि कोई पुलिस केस या कोर्ट केस कई वर्ष पहले भी बंद हो चुका है तो भी आप उसकी जानकारी आरटीआई के माध्यम से मंगवा सकते हैं।
  • सरकारी भवन निर्माण में इस्तेमाल की गई गिट्टी मोरंग सरिया सीमेंट ईट इन सभी का एक नमूना आप आरटीआई के माध्यम से सरकार से प्राप्त कर सकते हैं।
  • किसी योजना में किस-किस अधिकारी या कर्मचारी ने भूमिका निभाई है या काम किया है इसकी जानकारी भी आप आरटीआई के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

आरटीआई कैसे दाखिल करें ?

अगर आप भी सरकार से किसी विषय पर जानकारी पाना चाहते हैं तो उसके लिए आप आरटीआई दाखिल कर सकते हैं। आरटीआई कैसे दाखिल करें? जानने के लिए नीचे दिए गए स्टेप फॉलो करें।

  • सबसे पहले आपको अपने कंप्यूटर की आई स्मार्ट फोन के गूगल क्रोम ब्राउजर को ओपन करना है।
  • गूगल क्रोम ब्राउजर में आपको आरटीआई की ऑफिशल वेबसाइट ओपन करनी है। या फिर आप https://rtionline.gov.in/ इस वेबसाइट पर क्लिक करके डायरेक्टर आरटीआई के ऑफिशियल पेज में पहुंच जाएंगे।
  • अब यहां पर आपको अपना एक एप्लीकेशन लिखना होगा। इस एप्लीकेशन में आपको उस विभाग का नाम लिखना होगा जिस विभाग से आप जानकारी पाना चाहते है।
  • विभाग का नाम लिखने के बाद आपको अपना विषय लिखना है। आप जिस विषय पर सरकार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं वह विषय लिखें।
  • अंत में आपको स्पष्ट अक्षरों में अपना नाम पता मोबाइल नंबर ईमेल आईडी तथा फोन नंबर लिखना है।
  • आरटीआई दाखिल करने के लिए आपको ₹10 सरकारी शुल्क जमा करना पड़ता है। सरकारी शुल्क को आप ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से जमा कर सकते हैं।
  • अब आपको अपना आवेदन कर देना है। आवेदन करने के लगभग एक महीने के अंदर आपको आपका जवाब मिल जाएगा।
  • यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते तो आप ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन करने में थोड़ा समय ज्यादा लगता है। कई बार ऐसा होता है कि आपका आवेदन पत्र विभाग के पास पहुंचा नहीं है जिससे आपको सही जानकारी नहीं मिल पाती। 

निष्कर्ष

आज आपके लिए एक छोटी सी जानकारी थी। आज इस आर्टिकल में हमने आपको सूचना अधिकार अधिनियम के बारे में बताया। आज हमने आपको बताया सूचना अधिकार अधिनियम क्या है? सूचना अधिकार अधिनियम के लिए आवेदन कैसे करें? आशा करता हूं यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी है इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। आर्टिकल को आखिरी तक पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद


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